वर्ष 1992 में संयुक्त राष्ट्र (UN) ने 3 दिसंबर को “International Day of Persons with Disabilities” घोषित किया।
इसका मकसद दिव्यांगजनों की समस्याओं को वैश्विक स्तर पर समझना और उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
तब से हर वर्ष इस दिन दुनिया के सभी देशों में जागरूकता कार्यक्रम, रैलियाँ, सेमिनार, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सम्मान समारोह आयोजित किए जाते हैं।
🟨 दिव्यांग दिवस क्यों मनाया जाता है?
दिव्यांग दिवस मनाने का उद्देश्य है:
दिव्यांग व्यक्तियों के साथ भेदभाव को समाप्त करना
उन्हें शिक्षा और रोजगार में समान अधिकार देना
उनके लिए सुगम वातावरण (Accessible Environment) बनाना
समाज में समान व्यवहार और सम्मान सुनिश्चित करना
उनकी प्रतिभा, कौशल और योगदान को पहचान देना
🟪 भारत में दिव्यांगजनों के लिए प्रमुख योजनाएँ
भारत सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएँ चलाई हैं:
✔️ दिव्यांग पेंशन योजना
विभिन्न राज्यों में मासिक पेंशन दी जाती है।
✔️ Accessible India Campaign (सुगम्य भारत अभियान)
सार्वजनिक स्थानों, बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन, सरकारी भवन दिव्यांग-friendly बनाए जा रहे हैं।
✔️ दिव्यांग सशक्तिकरण योजना
शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए।
✔️ UDID कार्ड (Unique Disability ID)
एक डिजिटल ID जिसमें सभी जरूरी जानकारी मौजूद रहती है।
