पुतिन के भारत आने की तैयारी पूरी — एजेंडा क्या है?
भारत और रूस के संबंध एक बार फिर चर्चा में हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही भारत आ सकते हैं, और दोनों देशों के बीच हाई-लेवल बैठक की तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। इस दौरे को लेकर सरकारी स्तर पर कई अहम एजेंडा तैयार किए जा रहे हैं, जो आने वाले समय में Indo–Russia साझेदारी को और मजबूत कर सकते हैं।
मुख्य एजेंडा क्या है?
1. रक्षा सहयोग (Defence Cooperation)
भारत और रूस के बीच रक्षा क्षेत्र में पुराने और भरोसेमंद रिश्ते रहे हैं। इस दौरे में निम्न मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है:
नई रक्षा डील
तकनीकी हस्तांतरण
S-400 और अन्य हथियार प्रणालियों पर आगे की बातचीत
2. ऊर्जा साझेदारी (Energy Partnership)
रूस भारत का बड़ा ऊर्जा सप्लायर है। मुलाकात में यह विषय प्राथमिकता में रहेगा:
कच्चे तेल की सप्लाई
गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट
न्यूक्लियर ऊर्जा सहयोग
3. व्यापार और आर्थिक संबंध (Trade & Economy)
दोनों देश व्यापार को नया रूप देना चाहते हैं। चर्चा इन बिंदुओं पर होगी:
रुपया–रूबल लेनदेन
नए व्यापार मार्ग
आयात–निर्यात बढ़ाने की रणनीति
4. अंतरराष्ट्रीय मुद्दे (Global Geopolitics)
वैश्विक राजनीति में भारत और रूस की भूमिका अहम है। दोनों नेता इन मुद्दों पर बात कर सकते हैं:
यूक्रेन संकट
भारत की वैश्विक भूमिका
ब्रिक्स और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग
भारत दौरे की खासियत
पुतिन का भारत आना दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों को नई दिशा देगा।
PM मोदी और पुतिन के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों की घोषणाएँ संभव।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह मुलाकात दुनिया की नज़र में एक बड़ा इवेंट मानी जा रही है।
निष्कर्ष
पुतिन का भारत दौरा सिर्फ औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि भारत-रूस संबंधों में एक बड़े मोड़ की तरह देखा जा रहा है। रक्षा से
लेकर ऊर्जा और वैश्विक राजनीति तक, कई अहम मुद्दों पर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।