नीतीश कुमार की एक गलती से लगा बिहार को झटका — पूरी रिपोर्ट
पटना: बिहार की राजनीति में मंगलवार को बड़ा हलचल देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एक अहम चूक राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर भारी पड़ गई। इस गलती के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ा और भाजपा से लेकर राजद तक सभी पार्टियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। घटना के बाद पूरे राज्य में राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में सरकार की ओर से लिए गए एक बड़े प्रशासनिक फैसले में गंभीर त्रुटि सामने आई। इस फैसले का असर सीधे विकास योजनाओं, फंडिंग और विभागीय कामकाज पर पड़ा।
इस चूक के कारण कई योजनाओं की गति धीमी हो गई और जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विपक्ष का हमला
विपक्षी दलों ने इसे नीतीश सरकार की “बड़ी नाकामी” बताते हुए कहा कि—
“सरकार की एक गलती से पूरे बिहार की गति रुक गई है, यह प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है।”
वहीं युवाओं और किसानों से जुड़े कई मुद्दों पर भी विपक्ष सरकार को सवालों के घेरे में ले रहा है।
सरकार की सफाई
सरकार ने अपनी सफाई में कहा कि यह चूक जानबूझकर नहीं हुई, बल्कि विभागीय स्तर पर गड़बड़ी के कारण ऐसा हुआ।
सरकार ने आश्वासन दिया कि—
“गलती की जांच की जा रही है और जल्द ही सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।”
जनता पर असर
इस गलती का सबसे ज़्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों पर पड़ा है, जहाँ कई योजनाएँ पहले से ही धीमी गति से चल रही थीं।
जनता का कहना है कि सरकार को अपने फैसलों में और ज़्यादा पारदर्शिता और सावधानी बरतने की जरूरत है।
आगे क्या?
सरकार ने संबंधित अफसरों से रिपोर्ट मांगी है और आने वाले दिनों में बड़े फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष ने साफ किया है कि वह इस मुद्दे को विधानसभा में जोर-शोर से उठाएगा।
