मोदी ने पुतिन को 50 लाख की कार में क्यों बिठाया? – गाँव की भाषा में

 मोदी ने पुतिन को 50 लाख की कार में क्यों बिठाया? – गाँव की भाषा में



अरे भइया, आप सबने देखा होगा कि पुतिन जब भारत आए, तो मोदी जी ने उनको लग्जरी गाड़ी की बजाय लगभग 50 लाख रुपये वाली Toyota Fortuner में बिठाया। अब लोग पूछ रहे हैं, ये कैसे बात हुई?


देखो, इसके पीछे कुछ खास बातें हैं:


1. दोस्ती का संदेश :- 

आमतौर पर बड़े नेता बख्तरबंद और ढेर सारे लग्जरी वाले गाड़ियाँ चलाते हैं। लेकिन मोदी जी ने साधारण SUV Fortuner चुनी। इसका मतलब साफ है — “हम सिर्फ औपचारिक नहीं हैं, बल्कि दोस्ताना रिश्ते में भी भरोसा रखते हैं।”



2. पश्चिम से दूरी का संकेत:- 

 रेंज‑रोवर या मर्सिडीज जैसी यूरोपीय गाड़ी छोड़कर जापानी Fortuner का चुनाव, ये दिखाता है कि भारत अपनी नीति खुद तय करता है, किसी के दबाव में नहीं।



3. आराम और बैठने की सुविधा:- 

Fortuner में तीसरी पंक्ति सीट होती है। मतलब मोदी जी, पुतिन और उनके दुभाषिये भी आराम से बैठ सके।



4. स्वदेशी आत्मनिर्भरता का झलक:- 

 भले Fortuner जापानी ब्रांड है, भारत में ये असेंबल होती है। इससे एक तरह से “मेक इन इंडिया” का भी संदेश गया।




अरे भइया, ये सिर्फ गाड़ी की बात नहीं थी। इसे मीडिया वाले कहते हैं – “कार डिप्लोमेसी।” मतलब, मोदी जी ने गाड़ी चुनकर रूस और दुनिया को एक खास संदेश दिया — भारत अपनी राह खुद तय करता है, दोस्ताना रिश्तों और भरोसे को महत्व देता है।

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