बिहार में खुलेंगे 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट: पटना में 8, अपराध पर कसेगी लगाम

 बिहार में खुलेंगे 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट: पटना में 8, अपराध पर कसेगी लगाम


बिहार में अपराध नियंत्रण के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में कुल 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट खोले जाएंगे। इन अदालतों का मुख्य उद्देश्य संगीन अपराधों से जुड़े लंबित मामलों की तेजी से सुनवाई करना और आरोपियों को जल्द सजा दिलाना है, जिससे अपराधियों में भय का वातावरण बने।


गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि प्रस्तावित 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट में से 8 पटना में स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा गया, मुज़फ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर में 4-4 अदालतें बनेंगी। राज्य के अन्य जिलों में भी जरूरत के अनुसार नई अदालतें स्थापित की जाएँगी।


हर फास्ट ट्रैक कोर्ट में एक रिटायर जज, जिला जज या रिटायर एडीजे की नियुक्ति होगी। अदालतों के संचालन के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों की भी भर्ती की जाएगी। इनमें बेंच क्लर्क, कार्यालय लिपिक, स्टेनोग्राफर, डिपोज़िशन राइटर, डेटा एंट्री ऑपरेटर, ड्राइवर, प्रोसेस सर्वर और चपरासी/ऑर्डरली शामिल हैं।


राज्य सरकार के अनुसार, कुल मिलाकर 900 पदों पर बहाली की जाएगी। इससे न केवल न्याय व्यवस्था तेज़ होगी बल्कि युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।


बिहार सरकार का मानना है कि इन फास्ट ट्रैक कोर्ट के शुरू होने से लंबित गंभीर मामलों की सुनवाई गति पकड़ेंगी और अपराध नियंत्रण की दिशा में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

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